Relationship between Validity and Reliability of Test In Hindi

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परीक्षण की वैधता तथा विश्वसनीयता में सम्बन्ध (Relationship between Validity and Reliability of Test)

परीक्षण की वैधता तथा विश्वसनीयता में सम्बन्ध (Relationship between Validity and Reliability of Test)

किसी भी परीक्षण का मुख्य गुण उसकी विश्वसनीयता एवं वैधता है तथा ये दोनों ही प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से एक-दूसरे से सम्बन्धित होते हैं। वैधता काफी हद तक परीक्षण की विश्वसनीयता पर निर्भर करती है। परीक्षण की वैधता का वाह्य कसौटी के साथ सह-सम्बन्ध होता है।

यदि परीक्षण में एकांशों का स्वरूप समजातीय (Homogenous) है तो उसमें परीक्षण की वैधता, विश्वसनीयता पर आधारित होती है क्योंकि जो समजातीय परीक्षण स्वयं अपने साथ सह-सम्बन्धित नहीं होते हैं। वे किसी वाह्य कसौटी के साथ भी सह-सम्बन्धित नहीं होंगे।

इस प्रकार पाया जाता है कि जिन समजातीय परीक्षण में विश्वसनीयता नहीं होती उनमें वैधता भी नहीं होती है। इसके विपरीत विषमजातीय (Heterogenous) परीक्षण में जहाँ प्रत्येक पद का स्वतन्त्र अस्तित्व होता है, वहाँ वैधता विश्वसनीयता पर आधारित नहीं होती है क्योंकि ऐसे पदों में आत्म-सम्बन्ध नहीं होता है बल्कि ऐसे परीक्षणों में किसी वाह्य कसौटी के साथ सम्बन्धित किया जाता है।

अतः विषमजातीय परीक्षण में परीक्षण की वैधता के लिए विश्वसनीयता आवश्यक शर्त नहीं है। किसी भी परीक्षण की उच्च विश्वसनीयता एवं उच्च वैधता दोनों विरोधी प्रत्यय हैं क्योंकि उच्च विश्वसनीयता के लिए समान कठिनता स्तर के एकांश तथा एकांशों के बीच उच्च अन्तर सह-सम्बन्ध का होना अनिवार्य है जबकि उच्च वैधता के लिए विभिन्न कठिनता स्तर के एकांश तथा एकांशों के बीच निम्न सह-सम्बन्ध होना अनिवार्य है। इस प्रत्यय को एक उदाहरण द्वारा गैरेट (Garrett) महोदय ने समझाया है।

गैरेट (Garrett) ने इन दोनों के सम्बन्ध को एक घड़ी के माध्यम से बताया कि माना किसी घड़ी को हमने उसे निर्धारित समय से 30 मिनट आगे कर रखा है जिससे हम प्रत्येक कार्य समय से कर सके ऐसी स्थिति में वह घडी विश्वसनीय तो कहलाएगी लेकिन वैध नहीं क्योंकि वह हर बार 30 मिनट का आगे का समय बतलाती है। जैसा हमने किया लेकिन वह वैध इसलिए नहीं कहलाएगी क्योंकि उस समय वास्तविक समय कुछ और होता है।

उपरोक्त विवेचन के आधार पर निम्न निष्कर्ष निकलते हैं-

1) विश्वसनीयता तथा वैधता एक दूसरे से सम्बन्धित हैं क्योंकि दोनों का लक्ष्य एक ही होता है।
2) कोई परीक्षण वैध है तो विश्वसनीयता जरूर होगा लेकिन यदि विश्वसनीयता है तो वैध न हो ये सम्भव है।
3) विश्वसनीयता परीक्षण की वैधता पर कम निर्भर करती है।
4) उच्च विश्वसनीयता के लिए आवश्यक है कि परीक्षण पदों में आन्तरिक सह-सम्बन्ध अधिक हो जबकि उच्च वैधता के लिए आवश्यक है कि परीक्षण पदों में आन्तरिक सह-सम्बन्ध कम हो।
5) गति परीक्षण (Speed Test) की विश्वसनीयता अधिक होती है जबकि शक्ति परीक्षण (Power Test) की वैधता अधिक होती है।
6) किसी भी परिस्थिति में वैधता गुणांक, विश्वसनीयता गुणांक से अधिक नहीं होता है।

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